Tuesday
राजीव दीक्षित: भारतीय समाज के परिवर्तन के संरचक (Rajiv Dixit: Architect of Change in Indian Society)
राजीव दीक्षित, एक विचारक, सामाजिक कार्यकर्ता और आयुर्वेदाचार्य रहे हैं, जिनका योगदान भारतीय समाज को सांस्कृतिक और स्वास्थ्य से जुड़े कई पहलुओं में है। इस लेख में, हम उनके योगदान की चर्चा करेंगे जो भारतीय समाज में परिवर्तन के संरचक बने।
Friday
जानें जमीन पर क्यों नहीं रखना चाहिए तांबे का बर्तन
आयुर्वेद में तांबे के बर्तन में रखे पानी अमृत के समान माना जाता है। आपने अपने बड़े-बुजुर्गों को रोज सुबह उठकर या पूरे दिन तांबे के बर्तन में रखा पानी पीते भी देखा होगा। यकीनन इसके कुछ विज्ञानपरक फायेद भी हैं। लेकिन इसके साथ कुछ बातों का ध्यान रखना भी आवश्यक होता है। तो चलिये जानते हैं कि तांबे के जग में रखा पानी पीने के क्या फायदे होते हैं और इसके उपयोग का सही तरीका क्या है।
Wednesday
स्वप्नदोष को कैसे रोकें
युवाओं में स्वप्नदोष एक सामान्य समस्या है। यह हर उम्र के पुरुषों में देखने को मिलती है। इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है। हालांकि, अगर आपको नियमित रूप से इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है, तो आपको सचेत होने की जरूरत है। इससे सेहत पर तो असर पड़ता ही है साथ ही मानसिक रूप से भी दबाव काफी बढ़ जाता है। कई पुरुषों को इस बात को लेकर संशय रहता है कि आखिर वे स्वप्नदोष की इस समस्या से कैसे बचें। हालांकि इस बात के कोई पुख्ता सबूत नहीं हैं, लेकिन स्वप्नदोष से थकान, अंडकोष में दर्द, कमजोर स्खलन और शीघ्रपतन जैसी समस्यायें हो सकती हैं।
बालों का गिरना रोकने के लिए घरेलू नुस्खे
बालों का झड़ना आम बात है, लेकिन जरूरत से ज्यादा बाल झड़ने लगे तो समझना चाहिए कि आप बालों की समस्या से गुजर रहे हैं। बालों की समस्याओं से निजात पाने के लिए जरूरी है आप बालों की देखभाल सही रूप में करें।
Thursday
रात को नहीं खानी चाहिए ये 10 चीजें
हर व्यक्ति की खाने से जुड़ी अपनी अलग आदतें होती हैं। इसलिए कुछ लोग शाम के समय जल्दी खाना खा लेते हैं, जबकि कुछ लोग देर से खाते हैं। शरीर पर इन आदतों का तो असर पड़ता ही है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपने रात को जो खाना खाया है, उसका सीधा असर आपकी नींद पर पड़ता है। जी हां, रात को सोने से पहले आपने जो खाना खाया है, यदि ठीक नहीं है तो आपको बहुत जल्दी गहरी नींद नहीं आएगी।
अच्छे स्वास्थ्य के लिए खाना खाते वक़्त ध्यान रखे ये 9 बातें
वर्तमान समय की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्वास्थ्य का ध्यान रखना बहुत जरूरी है, लेकिन ऐसा हो नहीं पाता। इसके कारण कई तरह की बीमारियां होती हैं। मोटापा इसका मुख्य लक्षण है। चिकित्सकों के अनुसार यदि हम भोजन करते समय या भोजन में कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें तो न तो हम मोटे होंगे और न ही बीमार। आइए जानें खाना खाते समय किन बातों का ध्यान रखकर रहा जा सकता है स्वस्थ.....
Monday
सफेद बालों की समस्या को दूर करने के घरेलू टिप्स
कई ऐसे घरेलू उपाय हैं, जो सफेद होते बालों की समस्या को दूर कर सकते हैं। आइये जानते हैं ऐसे ही कुछ हमारे घरेलू नुस्खों की पोटली से निकले कुछ बेहद असरदार उपाय।
सूर्य की किरणों का सेवन
प्रातः सूर्योदय के समय पूर्व दिशा की ओर मुख करके सूर्योदय के कुछ समय बाद की सफेद किरणें बंद पलकों पर लेनी चाहिए। प्रतिदिन प्रातः और अगर समय मिले तो शाम को भी सूर्य के सामने आँखें बंद करके आराम से इस तरह बैठो कि सूर्य की किरणें बंद पलकों पर सीधी पड़ें। बैठे-बैठे, धीरे-धीरे गर्दन को क्रमशः दायीं तथा बायीं ओर कंधों की सीध में और आगे पीछे तथा दायीं ओर से बायीं ओर व बायीं ओर से दायीं ओर चक्राकार गोलाई में घुमाओ। दस मिनट तक ऐसा करके आँखों को बंद कर दोनों हथेलियों से ढँक दो जिससे ऐसा प्रतीत हो, मानों अंधेरा छा गया है। अंत में, धीरे-धीरे आँखों को खोलकर उन पर ठंडे पानी के छींटे मारो। यह प्रयोग आँखों के लिए अत्यंत लाभदायक है और चश्मा छुड़ाने का सामर्थ्य रखता है।
Tuesday
सूर्य की किरणों का सेवन
प्रातः सूर्योदय के समय पूर्व दिशा की ओर मुख करके सूर्योदय के कुछ समय बाद की सफेद किरणें बंद पलकों पर लेनी चाहिए। प्रतिदिन प्रातः और अगर समय मिले तो शाम को भी सूर्य के सामने आँखें बंद करके आराम से इस तरह बैठो कि सूर्य की किरणें बंद पलकों पर सीधी पड़ें। बैठे-बैठे, धीरे-धीरे गर्दन को क्रमशः दायीं तथा बायीं ओर कंधों की सीध में और आगे पीछे तथा दायीं ओर से बायीं ओर व बायीं ओर से दायीं ओर चक्राकार गोलाई में घुमाओ। दस मिनट तक ऐसा करके आँखों को बंद कर दोनों हथेलियों से ढँक दो जिससे ऐसा प्रतीत हो, मानों अंधेरा छा गया है। अंत में, धीरे-धीरे आँखों को खोलकर उन पर ठंडे पानी के छींटे मारो। यह प्रयोग आँखों के लिए अत्यंत लाभदायक है और चश्मा छुड़ाने का सामर्थ्य रखता है।
Sunday
आँखों की सामान्य कसरतें
हर रोज प्रातः सायं एक-एक मिनट तक पलकों को तेजी से खोलने तथा बंद करने का अभ्यास करो।
आँखों को जोर से बंद करो और दस सेकेंड बाद तुरंत खोल दो। यह विधि चार-पाँच बार करो।
आँखों को खोलने बंद करने की कसरत जोर देकर क्रमशः करो अर्थात् जब एक आँख खुली हो, उस समय दूसरी आँख बंद रखो। आधा मिनट तक ऐसा करना उपयुक्त है।
नेत्रों की पलकों पर हाथ की उँगलियों को नाक से कान की दिशा में ले जाते हुए हलकी-हलकी मालिश करो। पलकों से उँगलियाँ हटाते ही पलकें खोल दो और फिर पलकों पर उँगलियों लाते समय पलकों को बंद कर दो। यह प्रकिया आँखों की नस-नाड़ियों का तनाव दूर करने में सक्षम है।
Saturday
सही ढंग से पढ़ो और देखो
विद्यार्थियों को इस बात पर विशेष ध्यान देना चाहिए कि वे आँखों को चौंधिया देने वाले अत्यधिक तीव्र प्रकाश में न देखें। सूर्यग्रहण और चन्द्रग्रहण के समय सूर्य और चन्द्रमा को न देखें। कम प्रकाश में अथवा लेटे-लेटे पढ़ना भी आँखों के लिए बहुत हानिकारक है। आजकल के विद्यार्थी आमतौर पर इसी पद्धति को अपनाते हैं। बहुत कम रोशनी में अथवा अत्यधिक रोशनी में पढ़ने-लिखने अथवा नेत्रों के अन्य कार्य करने से नेत्रों पर जोर पड़ता है। इससे आँखें कमजोर हो जाती हैं और कम आयु में ही चश्मा लग जाता है। पढ़ते समय आँखों और किताब के बीच 12 इंच अथवा थोड़ी अधिक दूर रखनी चाहिए।
Sunday
Healthy Diet (Hindi)
उचित आहार-विहार
आपकी आँखों का स्वास्थ्य आपके आहार पर भी निर्भर करता है। कब्ज नेत्ररोगों के अलावा शरीर के कई प्रकार के रोगों की जड़ है। इसलिए पेट हमेशा साफ रखो और कब्ज न होने दो। इससे भी आप अपनी आँखों की रक्षा कर सकते हैं। इसके लिए हमेशा सात्त्विक और सुपाच्य भोजन लेना चाहिए। अधिक नमक, मिर्च, मसाले, खटाई और तले हुए पदार्थों से जहाँ तक हो सके बचने का प्रयत्न करना चाहिए। आँखों को निरोगी रखने के लिए सलाद, हरी सब्जियाँ अधिक मात्रा में खानी चाहिए।
योग से रोग मुक्तिः योगासन भी नेत्ररोगों को दूर करने में सहायक सिद्ध होते हैं। सर्वांगासन नेत्र-विकारों को दूर करने का और नेत्र-ज्योति बढ़ाने का सर्वोत्तम आसन है।
योग से रोग मुक्तिः योगासन भी नेत्ररोगों को दूर करने में सहायक सिद्ध होते हैं। सर्वांगासन नेत्र-विकारों को दूर करने का और नेत्र-ज्योति बढ़ाने का सर्वोत्तम आसन है।
Friday
नेत्र-रक्षा के उपाय
नेत्र-रक्षा के उपाय
गर्मी और धूप में से आने के बाद गर्म शरीर पर एकदम से ठंडा पानी न डालो। पहले पसीना सुखाकर शरीर को ठंडा कर लो। सिर पर गर्म पानी न डालो और न ज्यादा गर्म पानी से चेहरा धोया करो।बहुत दूर के और बहुत चमकीले पदार्थों को घूरकर न देखा करो।
नींद का समय हो जाय और आँखें भारी होने लगें, तब जागना उचित नहीं।
सूर्योदय के बाद सोये रहने, दिन में सोने और रात में देर तक जागने से आँखों पर तनाव पड़ता है और धीरे-धीरे आँखें बेनूर, रूखी और तीखी होने लगती हैं।
धूल, धुआँ और तेज रोशनी से आँखों को बचाना चाहिए।
अधिक खट्टे, नमकीन और लाल मिर्चवाले पदार्थों का अधिक सेवन नहीं करना चाहिए। मल-मूत्र और अधोवायु के वेग को रोकने, ज्यादा देर तक रोने और तेज रफ्तार की सवारी करने से आँखों पर सीधी हवा लगने के कारण आँखें कमजोर होती हैं। इन सभी कारणों से बचना चाहिए।
मस्तिष्क को चोट से बचाओ। शोक-संताप व चिंता से बचो। ऋतुचर्या के विपरीत आचरण न करो और आँखों के प्रति लापरवाह न रहो। आँखों से देर तक काम लेने पर सिर में भारीपन का अनुभव हो या दर्द होने लगे तो तुरंत अपनी आँखों की जाँच कराओ।
घर पर तैयार किया गया काजल सोते समय आँखों में लगाना चाहिए। सुबह उठकर गीले कपड़े से काजल पोंछकर साफ कर दो।
नेत्रज्योतिवर्धक घरेलू नुस्खे
नेत्रज्योतिवर्धक घरेलू नुस्खे
आँखों की ज्योति बढ़ाने के साथ ही शरीर को पुष्ट और सुडौल बनाने वाला एक अनुभूत उत्तम प्रयोग प्रस्तुत हैः आधा चम्मच ताजा मक्खन, आधा चम्मच पिसी हुई मिश्री और 5 काली मिर्च मिलाकर चाट लो। इसके बाद कच्चे नारियल की गिरी के 2-3 टुकड़े खूब चबा-चबाकर खायें ऊपर से थोड़ी सौंफ चबाकर खा लो। बाद में दो घंटे तक कुछ न खायें। यह प्रयोग प्रातः खाली पेट 2-3 माह तक करो।
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